हिमाचल की राजनीति को झटका, मेजर विजय मनकोटिया का हुआ निधन
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम और पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर विजय सिंह मनकोटिया का मंगलवार सुबह कांगड़ा स्थित उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्होंने साल 1982 में एक निर्दलीय विधायक के तौर पर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। 40 साल से भी ज्यादा समय तक उन्होंने जनता की सेवा की, खासकर सैन्य पूर्व सैनिकों के हकों के लिए वो हमेशा आगे रहे।
मनकोटिया का कैबिनेट कार्यकाल और 2007 का टेप
मनकोटिया कांग्रेस पार्टी में कैबिनेट मंत्री भी रहे। इस दौरान उन्होंने पर्यटन और उड्डयन जैसे अहम विभाग संभाले। वो अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते थे, यहां तक कि उन्होंने वीरभद्र सिंह जैसे बड़े नेताओं से भी मतभेद रखे। साल 2007 में उन्होंने एक विवादास्पद ऑडियो टेप जारी कर खूब सुर्खियां बटोरी थीं, जिसमें उन्होंने बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। सालों तक उन्होंने कई पार्टियों के साथ काम किया और आखिर में 2022 में भाजपा में शामिल हो गए। आज नेता उनकी बेबाकी और प्रदेश की राजनीति पर उनके गहरे असर को याद कर रहे हैं।