महाराष्ट्र में कोचिंग पर लगेगी लगाम, फीस नियंत्रण के लिए बनेगा कानून
महाराष्ट्र में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। राज्य सरकार निजी कोचिंग क्लासेस को नियंत्रित करने के लिए एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। यह सब नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के लागू होने के साथ ही हो रहा है, जो मातृभाषा और स्किल आधारित शिक्षा पर खासा जोर देती है। स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इस हफ्ते ये अहम जानकारियां दीं।
स्किल आधारित शिक्षा अब स्कूलों और कॉलेजों में अनिवार्य
अब स्कूलों और कॉलेजों, दोनों ही स्तरों पर स्किल आधारित शिक्षा को अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब है कि छात्रों को अब ज्यादा प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट और ट्रेनिंग के मौके मिलेंगे। पाटिल ने बताया कि छात्रों को नौकरियों के लिए तैयार करने के लिए 'व्यावहारिक ज्ञान' की बहुत जरूरत है। सरकार छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर दिलाने के लिए उद्योगों के साथ भी मिलकर काम कर रही है।
इसी के साथ, नवी मुंबई का एडुसिटी जल्द ही दुनिया की 50 टॉप ग्लोबल यूनिवर्सिटी का केंद्र बनेगा। प्राइवेट स्कूलों के लिए भी नए नियम तय किए गए हैं, जिनमें फीस पर एक सीमा तय करना और दाखिले के सख्त नियम शामिल हैं: किसी भी स्कूल को आधिकारिक मान्यता तभी मिलेगी जब शहरी स्कूलों में कम से कम 30 छात्र और ग्रामीण स्कूलों में 20 छात्र होंगे।