पेपर लीक पर महाराष्ट्र में 23 विशेष अदालतें, 200 से ज्यादा मामलों पर 3 महीने में फैसला
महाराष्ट्र ने 23 खास अदालतें बनाई हैं ताकि परीक्षाओं में होने वाली नकल, पेपर लीक और अन्य धोखाधड़ी के 200 से ज्यादा मामलों की जल्द सुनवाई कर उनका निपटारा किया जा सके। यह फैसला NEET पेपर लीक जैसी घटनाओं के बाद देशभर में फैले आक्रोश और केंद्र सरकार के एक नए कानून के बाद लिया गया है, जिसका मकसद परीक्षाओं में होने वाली अनुचित पद्धतियों पर अंकुश लगाना है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 3 महीने में ट्रायल पूरे करने को कहा
इनमें से कुछ मामले तो काफी पुराने हैं, जिनमें से एक तो साल 2002 का है। ये मामले कई कानूनों के तहत दर्ज किए गए हैं, जिनमें हाल ही में लागू हुआ पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट भी शामिल है।
औरंगाबाद, ठाणे और पुणे जैसे शहरों में ऐसे सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि आरोप तय होने के 3 महीने के भीतर ही इन मामलों की सुनवाई पूरी की जाए।
इन निर्देशों के बाद, इन अदालतों में सुनवाई शुरू भी हो गई है। उम्मीद की जा रही है कि इस पहल से महाराष्ट्र में परीक्षाओं की विश्वसनीयता फिर से कायम होगी और लोगों का भरोसा बहाल होगा।