पुणे पोर्शे हादसा: नाबालिग आरोपी के रक्त नमूने बदलने वाले आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के पुणे में चर्चित पोर्शे कार हादसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नाबालिग आरोपी के रक्त के नमूनों से छेड़छाड़ करने वाले एक अन्य आरोपी को भी जमानत दे दी। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और उज्ज्वल भुयान की पीठ ने आरोपी अशपक मकांदर को यह देखते हुए जमानत दी कि इसी मामले में समान आरोपों का सामना कर रहे सह-आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी है। कोर्ट को बताया गया कि आरोपी 20 महीने से बंद है।
जमानत
इसी महीने रक्त नमूने बदलने वाले 3 अन्य को मिली है जमानत
इससे पहले 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने रक्त नमूनों से छेड़छाड़ के मामले में आदित्य सूद, आशीष मित्तल और संतोष गायकवाड़ को जमानत दी थी। तीनों 18 महीन से जेल में बंद थे। मित्तल नाबालिग के पिता का दोस्त, जबकि सूद उस लड़के का पिता है, जो कार की पिछली सीट पर बैठा था। गायकवाड़ अस्पताल में बिचौलिए है। उसने हेराफेरी के लिए आरोपी के परिजनों से 3 लाख रुपये घूस लिया था। मकांदर भी बिचौलिया बताया जाता है।
घटना
क्या है पुणे पोर्श कार हादसा मामला?
19 मई, 2024 को पुणे के कल्याणी नगर में रात ढाई बजे पोर्शे कार से नाबालिग ने बाइक सवार इंजीनियर महिला-पुरुष को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। मामले में नाबालिग आरोपी को कोर्ट ने सिर्फ निबंध लिखने की सजा दी, जिसका विरोध हुआ। इसके बाद आरोपी की जमानत रद्द हुई। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहत दी। मामले में किशोर के पिता, डॉक्टर अजय टावरे, श्रीहरि हलनोर, अस्पताल कर्मचारी अतुल घाटकांबले और दो बिचौलिए जेल में थे।