महाराष्ट्र में MBBS डॉक्टरों को ग्रामीण बॉन्ड से मिली आजादी
महाराष्ट्र सरकार ने MBBS ग्रेजुएट डॉक्टरों के लिए एक साल के ग्रामीण बॉन्ड को खत्म कर दिया है। यह नियम साल 2006 से लागू था और इसे ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए बनाया गया था। जो डॉक्टर अभी अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं या जिन्होंने अभी तक यह सेवा शुरू नहीं की है, उन्हें इस बंधन से मुक्ति मिल गई है। हालांकि, जो डॉक्टर पहले से ही बॉन्ड सेवा दे रहे हैं, उन्हें अपनी अवधि पूरी करनी होगी।
पोस्टग्रेजुएट छात्रों को अभी भी बॉन्ड सेवा पूरी करनी होगी
छात्र संगठनों और माता-पिता के लिए यह एक बड़ी राहत की बात है। महाराष्ट्र रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (MARD) ने इसे एक बहुत जरूरी बदलाव बताया है, जिससे पोस्टग्रेजुएट दाखिले की प्रक्रिया अब तेज हो पाएगी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अब राज्य में मेडिकल कॉलेजों और सीटों की संख्या काफी बढ़ गई है, इसलिए पुराना बॉन्ड नियम अब तर्कसंगत नहीं रह गया था। हालांकि, पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रों के लिए बॉन्ड सेवा अभी भी अनिवार्य बनी हुई है।