महाराष्ट्र का 44,800 करोड़ का 'अर्बन चैलेंज', क्या बदल जाएगी आपके शहर की किस्मत?
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 423 शहरों और कस्बों की तस्वीर बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 'अर्बन चैलेंज फंड' के नाम से 44,800 करोड़ रुपये की एक योजना शुरू की है। यह योजना 22 जुलाई को शुरू हुई है और 2030-31 तक चलेगी। जरूरत पड़ने पर इसे 3 साल के लिए और आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस फंड का लक्ष्य शहरों की जीवनशैली को आधुनिक बनाना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना और ट्रैफिक जाम या बाढ़ जैसी पुरानी समस्याओं का हल निकालना है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस फंड को एक 'बदलाव का रास्ता' बताया है, जिससे शहरों को भविष्य के लिए तैयार किया जा सकेगा और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन पाएंगे।
पानी और कचरा प्रबंधन के लिए फंड का इस्तेमाल
इस फंड के लिए पैसे कई स्रोतों से आएंगे। इसमें 25 प्रतिशत तक केंद्र सरकार का सहयोग रहेगा। बाकी का कम से कम 50 प्रतिशत पैसा नगर पालिकाओं को बैंक से कर्ज लेकर या बॉन्ड जारी करके जुटाना होगा। बचा हुआ 25 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार या स्थानीय निकाय अपनी तरफ से देंगे।
इस फंड का मुख्य इस्तेमाल शहरों में पानी की बेहतर सप्लाई, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक जगहों को सुंदर बनाने, ट्रैफिक को सुगम बनाने और बाढ़ को रोकने जैसे कामों पर होगा। बड़े शहरों में नए कन्वेंशन सेंटर और खेल सुविधाओं का विकास होगा, वहीं छोटे कस्बों को कर्ज मिलने में मदद की जाएगी, ताकि विकास की दौड़ में वे पीछे न रह जाएं। सभी प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हों और उनका सही असर दिखे, इसके लिए खास टीमें बनाई जाएंगी जो पूरे काम पर नज़र रखेंगी।