छात्रों के आंदोलन की धमाकेदार जीत, महाराष्ट्र के आदिवासी हॉस्टलों से उम्र की सीमा खत्म
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महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों के लिए एक अच्छी खबर आई है। सरकार ने हॉस्टल में दाखिले के लिए 30 साल की उम्र सीमा अब हटा दी है। यह फैसला पुणे में 13 दिनों तक चले छात्रों के प्रदर्शन के बाद आया। आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने मुख्यमंत्री की मंजूरी के साथ इसकी घोषणा की। छात्रों का यह प्रदर्शन हॉस्टल की सुविधाओं, प्रवेश के नियमों और अन्य मुद्दों को लेकर था।
अशोक उइके ने हॉस्टल प्रबंधन में सुधार का वादा किया
एक समीक्षा बैठक के बाद उइके ने कहा कि हॉस्टल प्रबंधन को बेहतर बनाने, सुविधाओं में सुधार करने और प्रवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे। छात्रों को उम्र सीमा हटने से राहत तो मिली है, लेकिन वे अभी भी रहने की बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। सभी चिंताओं को दूर करने के लिए नेता अलग-अलग तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं।