महाराष्ट्र में मराठी की जानकारी रखने वाले ही चला सकेंगे टैक्सी-ऑटो, 1 मई से चालकों की भाषा जांच शुरू
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महाराष्ट्र सरकार ने एक नया नियम बनाया है, जिसके तहत अगर आप ऑटो-रिक्शा या टैक्सी चलाते हैं, तो आपको मराठी बोलनी और समझनी होगी। राज्य में मराठी भाषा को बढ़ावा देने के मकसद से यह कदम उठाया गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक 28 अप्रैल को ड्राइवरों के संगठनों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें इस नियम को लागू करने के तरीके पर बात होगी।
1 मई से ड्राइवरों की मराठी की जांच शुरू
1 मई से सरकारी अधिकारी ड्राइवरों की मराठी भाषा की जांच शुरू कर देंगे। इसमें सिर्फ बोलने की नहीं, बल्कि पढ़ने और लिखने की क्षमता भी परखी जा सकती है। मुंबई मराठी साहित्य संघ जैसे कई संगठनों ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है। जो चालक इन भाषाई नियमों को पूरा नहीं कर पाएंगे, उन पर जुर्माना लग सकता है। नेताओं का कहना है कि इस कदम से ट्रांसपोर्ट लाइसेंसिंग का सिस्टम भी ज्यादा साफ-सुथरा हो जाएगा।