महाराष्ट्र: स्कूल बसों में अब GPS, CCTV और ऐप से लाइव ट्रैकिंग अनिवार्य
महाराष्ट्र सरकार ने स्कूल बसों के लिए नए नियम जारी किए हैं। इनका मकसद बच्चों के सफर को ज्यादा सुरक्षित बनाना और किराए में पारदर्शिता लाना है। नए नियमों के तहत स्कूलों और बस संचालकों को इन बदलावों को अपनाने के लिए 3 महीने का वक्त दिया गया है। इन बदलावों में सुरक्षा के नए इंतजाम और किराए से जुड़े साफ नियम शामिल हैं।
स्कूल बसों में GPS और CCTV लगाना होगा
अब स्कूल बस का किराया स्थानीय परिवहन विभाग तय करेगा, और किराए में छोटे-मोटे बदलावों की ही इजाजत होगी। हर स्कूल बस में GPS ट्रैकिंग, CCTV कैमरे, पैनिक बटन, सभी बच्चों के लिए सीट बेल्ट और आग का पता लगाने वाला फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाना अब अनिवार्य होगा।
माता-पिता एक खास ऐप के जरिए बस की लाइव लोकेशन और CCTV फुटेज देख सकेंगे। 5वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए बस में एक महिला अटेंडेंट या कोई तय कर्मचारी होना जरूरी किया गया है। दिव्यांग छात्रों के लिए भी नए नियम बनाए गए हैं। इनमें प्रशिक्षित स्टाफ और बेहतर सुविधाओं का इंतजाम शामिल है।