छात्रों के आगे झुकी सरकार, महाराष्ट्र में केंद्रीय रसोई का ऐलान
खराब सुविधाओं और छात्रवृत्ति में देरी को लेकर हफ्तों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी छात्रों की मुख्य मांगें मान ली हैं। आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने बताया कि जल्द ही 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना' के तहत एक नई केंद्रीय रसोई व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आश्रम स्कूलों में पढ़ने वाले सभी छात्रों को आखिरकार वो सुविधाएं और मदद मिल पाए जिसकी वे लंबे समय से मांग कर रहे थे।
अशोक उइके ने छात्रों से की वापस लौटने की अपील
उइके ने छात्रों को अपनी कक्षाओं में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अब बदलाव होने जा रहे हैं। इन विरोध प्रदर्शनों से काफी राजनीतिक बहस भी छिड़ गई थी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा था कि अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने छात्र प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस की आलोचना की थी। इन सबके बावजूद, अधिकारियों का कहना है कि वे आदिवासी युवाओं के लिए हालात बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।