महाराष्ट्र में दवा कंपनियों पर गिरी गाज, 11 करोड़ रुपये का माल जब्त
महाराष्ट्र के फार्मा सेक्टर में इन दिनों काफी हलचल मची हुई है। नए आयुक्त तुकाराम मुंडे के पदभार संभालते ही राज्य के खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) के पास दवा से जुड़ी शिकायतों की संख्या 1,397 तक पहुंच गई। यह आंकड़ा 2025-26 की तिमाही औसत (जो प्रति तिमाही 212.5 शिकायतें थीं) से लगभग 6.6 गुना ज्यादा है। इसके साथ ही FDA ने अपनी जांच तेज कर दी है और बड़े पैमाने पर लक्षित निरीक्षण शुरू किए हैं। इनमें आयुर्वेदिक कंपनियों की जांच में भी तेजी देखी जा रही है।
FDA निरीक्षण में खामियों का रिकॉर्ड
कुल 2,902 निरीक्षणों के दौरान FDA को कई तरह की कमियां मिलीं। अधिकारियों को रिकॉर्ड गायब मिले, कीटाणुशोधन से जुड़े रिकॉर्ड अधूरे थे और वैक्सीन जैसी संवेदनशील दवाओं को सही तरीके से स्टोर नहीं किया जा रहा था। आयुर्वेदिक कंपनियों पर भी खास ध्यान दिया गया और 3 महीनों में उनकी 301 जांचें की गईं। इस दौरान जब्त किए गए सामान की कीमत करीब 11.41 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। मुंडे ने कहा, "FDA की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और नियंत्रित दवाएं मिलें। हम नियमों का पालन न करने वाली संस्थाओं के खिलाफ लगातार और कड़े कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, वहीं नियमों का पालन करने वाली संस्थाओं का पूरा समर्थन करते हैं।"