जुर्माना, FIR और कटौती: महाराष्ट्र के जल संकट से निपटने के लिए सरकार के उपाय
इस साल महाराष्ट्र पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा है। इसकी वजह कमजोर मॉनसून और अल नीनो का असर है।
पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं। इन नियमों के तहत, नागपुर में पानी बर्बाद करने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। अवैध कनेक्शनों पर FIR दर्ज होगी और पुणे में हर गुरुवार को पूरे शहर में पानी की कटौती होगी।
पुणे में हर हफ्ते होगी पानी की कटौती
पुणे में 15 अक्टूबर से हर हफ्ते पानी की कटौती शुरू हो जाएगी। कार धोने जैसे गैर-जरूरी कामों के लिए पानी के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
जायकवाड़ी बांध से हर दिन भारी मात्रा में पानी सिर्फ वाष्पीकरण की वजह से उड़ रहा है। वहीं, नागपुर में पार्कों में पानी देने और निर्माण के कामों के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों से रीसाइक्ल्ड पानी का इस्तेमाल होगा।
साफ है कि इस समय पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। इसकी अहमियत अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।