
महाराष्ट्र: भाजपा नेता नवनीत राणा की रैली में भीड़ का उपद्रव, अभद्र इशारे कर लगाए नारे
क्या है खबर?
महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार में जुटी भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा की शनिवार रात को अमरावती जिले के खल्लार गांव में आयोजित एक रैली में भीड़ ने जमकर उपद्रव मचाया।
भीड़ में शामिल लोगों ने न केवल नवनीत की ओर अभद्र इशारे किए, बल्कि कुर्सियां उठाकर भी फेंकी।
हंगामे के बाद नवनीत ने स्थानीय पुलिस थाने का दौरा किया और उपद्रव में शामिल लोगों को गिरफ्तारी करने की मांग की।
चेतावनी
नवनीत ने दी पूरे हिंदू समुदाय को एकत्र करने की चेतावनी
नवनीत ने रैली में हुई घटना को लेकर कहा, "मेरे भाषण के दौरान कुछ लोगों ने अभद्र इशारे कर नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, इस पर मैंने प्रतिक्रिया नहीं दी। फिर उन्होंने 'अल्ला-हू-अकबर' के नारे लगाने शुरू कर दिए। जब पार्टी समर्थकों ने उनसे मेरे लिए अपशब्दों का इस्तेमाल न करने को कहा तो उन्होंने कुर्सियां फेंकना शुरू कर दिया।"
उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर अमरावती का पूरा हिंदू समुदाय यहां एकत्र होगा।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें रैली का वीडियो
VIDEO | Maharashtra: A ruckus erupted during the political campaign of BJP leader Navneet Rana (@navneetravirana) in Amravati last night. She has filed a complaint at a local police station. #navneetrana #Maharashtra #Amravati pic.twitter.com/Py0pti9RXu
— Press Trust of India (@PTI_News) November 17, 2024
बयान
पुलिस ने कही स्थिति नियंत्रण में होने की बात
अमरावती ग्रामीण में अपराध शाखा के निरीक्षक किरण वानखड़े ने बताया कि रैली के दौरान दो समूहों के बीच विवाद हो गया था। हालांकि, उसे सुलझा दिया गया है और अब स्थिति नियंत्रण में है।
उन्होंने लोगों से अफवाहों ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और खल्लर गांव में व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।
राजनीति
कैसा रहा है नवनीत का राजनीतिक सफर
नवनीत भाजपा उम्मीदवार रमेश बुंदिले के लिए प्रचार कर रही थीं। पूर्व अभिनेत्री और इस साल की शुरुआत में भाजपा में शामिल होने से पहले वह 2019-2024 तक अमरावती से निर्दलीय सांसद थीं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब शुक्रवार को चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से ऐसा कोई बयान या क्रिया न करने की अपील की थी, जिससे महिलाओं के सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंची हो।