विरोध के बाद महाराष्ट्र सरकार का यू-टर्न, अब फिर से बिकेगा खुला तेल
महाराष्ट्र सरकार ने खुले खाने के तेल की बिक्री पर लगी पाबंदी को वापस ले लिया है। इस पाबंदी को 20 अगस्त को ही लागू किया गया था।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि यह पुराना नियम, जो तेल में मिलावट रोकने के लिए लाया गया था और जिसमें सिर्फ सीलबंद व लेबल वाले तेल को बेचने की इजाजत थी, अब खत्म कर दिया गया है।
1,247 तेल के परीक्षणों में से सिर्फ 12 खराब निकले
इस पाबंदी का व्यापारियों और शिवसेना नेताओं ने जोरदार विरोध किया था। उनका तर्क था कि इससे छोटे कारोबारियों और पारंपरिक रूप से इस व्यवसाय से जुड़े परिवारों को नुकसान होगा। खासकर ग्रामीण इलाकों में तो परेशानी और बढ़ जाती, क्योंकि वहां पैकेट वाला तेल आसानी से नहीं मिलता।
उन्होंने मुख्य रूप से यह बात उठाई कि पिछले एक साल में तेल के 1,247 नमूनों की जांच हुई थी, जिनमें से सिर्फ 12 ही खराब पाए गए।
अब सरकार ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) से कहा है कि वह एक नया 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (SOP) बनाए। इस SOP का उद्देश्य तेल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, साथ ही पारंपरिक विक्रेताओं को व्यापार से बाहर होने से बचाना भी है।