महाराष्ट्र में सूखा: फसल नुकसान का आकलन शुरू, सरकार ने कसी कमर
महाराष्ट्र में 23 सितंबर से उन इलाकों में फसलों को हुए नुकसान का आकलन शुरू हो रहा है, जहां कमजोर मानसून की वजह से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। इस मानसून को अल नीनो का असर बताया जा रहा है, जिसकी वजह से राज्य में सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश हुई है।
सोयाबीन, मक्का, कपास और धान जैसी मुख्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों को जल्द मदद पहुंचाने के लिए सरकार ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अगुवाई में एक खास टीम बनाई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मराठवाडा और विदर्भ जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों तक राहत जल्द से जल्द पहुंचनी चाहिए।
महाराष्ट्र जल्द जारी करेगा सूखा राहत अधिसूचना
इस संकट से निपटने के लिए महाराष्ट्र अगले 3 दिनों में सूखा राहत अधिसूचना जारी करेगा। इसमें पीने का पानी और जानवरों के लिए चारे जैसी तुरंत जरूरतों पर ध्यान दिया जाएगा। राज्य सरकार केंद्र से मदद का इंतजार किए बिना खुद ही राहत कार्य शुरू करने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री फडणवीस और विधायकों समेत दूसरे नेता प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जरूरतमंदों तक मदद सही समय पर पहुंच पाए। इस बीच, विपक्षी दल सरकार पर आधिकारिक रूप से सूखे की घोषणा करने का दबाव डाल रहे हैं। उनका मानना है कि इससे मुश्किलों में घिरे किसानों को और भी तेजी से मदद मिल पाएगी।