मराठा आरक्षण: सरकार का बड़ा ऐलान, फिर भी जरंगे-पाटिल भूख हड़ताल पर क्यों अड़े?
मनोज जरांगे-पाटिल की अगुवाई में मराठा आरक्षण के लिए चल रहे आंदोलन के 10वें दिन महाराष्ट्र सरकार ने समुदाय की मांगों को लेकर कुछ बड़े ऐलान किए हैं। सरकार ने घोषणा की है कि 2026-27 से मराठा छात्रों को OBC के बराबर पढ़ाई-लिखाई के फायदे मिलेंगे। इसके साथ ही, विदेशी छात्रवृत्ति के नियमों में बदलाव किया जाएगा, कुनबी जाति प्रमाण पत्र बनाने का काम तेजी से होगा, और करीब 1,440 मराठा और कुनबी युवाओं को ड्राइविंग और कंडक्टर की ट्रेनिंग दी जाएगी।
पाटिल ने पानी और इलाज लेने से भी किया इनकार
इन घोषणाओं के बावजूद, जरांगे-पाटिल अपनी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। उन्होंने पानी और इलाज लेने से भी साफ मना कर दिया है। उनकी मांग है कि जब तक सारी मांगें नहीं मान ली जातीं, तब तक वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
सरकार ने 10 से 17 सितंबर तक लाखों पुराने रिकॉर्ड ऑनलाइन और ग्राम पंचायतों में उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। यह कदम कुनबी प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए उठाया जा रहा है। लेकिन, फिलहाल विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है।