पुरुष भी बन सकते हैं 'होममेकर', मद्रास हाईकोर्ट ने महिलाओं के करियर को लेकर दिया बड़ा संदेश
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अहम बात कही है। अदालत ने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि शादी उन महिलाओं की तरक्की में रुकावट बन जाती है, जो अपने करियर पर पूरा ध्यान देना चाहती हैं। 2 डॉक्टरों के तलाक को मंजूरी देते हुए, जजों ने इस बात पर जोर दिया कि अब लिंग आधारित (जेंडर) भूमिकाएं बदल रही हैं।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पुरुष भी घर-परिवार संभालने की जिम्मेदारी उठा सकते हैं।
अदालत ने घरेलू काम को पहचान देने पर जोर दिया
अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि करियर में मिली सफलता और घर-परिवार के कामकाज, दोनों को बराबर सम्मान मिलना चाहिए।
उनका कहना था कि घर चलाने वाले लोगों (होममेकर्स) के योगदान को अक्सर कम करके आंका जाता है, जबकि उनका काम बहुत महत्वपूर्ण होता है।
एक ऐसे मामले का उदाहरण देते हुए, जहां परिवार की खातिर पत्नी को अपना करियर दांव पर लगाना पड़ा, जजों ने कहा कि रिश्तों में दोनों साथियों के बलिदान को पहचानना जरूरी है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि पति-पत्नी के बीच की भूमिकाएं लिंग आधारित (जेंडर) नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनमें समानता होनी चाहिए।