
मध्य प्रदेश: 39 फीट गहरे बोरवेल से गिरे बच्चे की निकाले जाने के बाद मौत
क्या है खबर?
मध्य प्रदेश के गुना जिले में बोरवेल में गिरे 10 वर्षीय बालक सुमित को करीब 16 घंटे लंबे बचाव अभियान के बाद रविवार को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया, लेकिन बाद में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
घटना शनिवार दोपहर को हुई जब सुमित खेलते हुए बोरवेल में गिर गया और लगभग 39 फीट की गहराई पर फंस गया।
बचाव अभियान शनिवार शाम 6 बजे शुरू और रविवार सुबह करीब 9:30 बजे सुमित को बाहर निकाला गया था।
प्रयास
संयुक्त बचाव अभियान से बच्चे को जीवित बाहर निकाला गया
बचाव अभियान में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें शामिल थीं।
गुना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मान सिंह ठाकुर ने बालक को जिंदा बाहर निकाले जाने की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा, "सुमित कल दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बोरवेल में गिर गया था। उसके बाद शाम करीब 6 बजे बचाव अभियान शुरू किया था। हालांकि, सुबह उसे जिवित बाहर निकालने के बाद उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया।"
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वीडियो
#WATCH | Guna, Madhya Pradesh: The 10-year-old boy, Sumit who fell into a borewell in the Janjali area of Raghogarh yesterday has been taken out and sent to a hospital. Details awaited. pic.twitter.com/5rSjIsv48j
— ANI (@ANI) December 29, 2024
सफलता
बचाव दल को कैसे मिली सफलता?
गुना के जिला कलक्टर सत्येन्द्र सिंह ने बचाव योजना के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें 40 फीट तक समानांतर गड्ढा खोदना भी शामिल था।
ऑपरेशन के दौरान सुमित को सुरक्षित रखने के लिए लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया था और कैमरों से उस पर नजर रखी गई थी।
सिंह ने कहा, "हम सुरक्षित बचाव सुनिश्चित करने के लिए SDRF, NDRF और पुलिस टीमों के साथ लगातार काम कर रहे थे। इससे आखिरकार उसे बाहर निकालने में सफलता मिली।"
कारण
कैसे हुई बच्चे की मौत?
गुना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ राजकुमार ऋषिश्वर ने बताया कि बोरवेल में रहने के दौरान सुमित के हाथ-पैर रातभर पानी में रहे। गिरने के दौरान उसके मुंह में मिट्टी भी भर गई थी।
उन्होंने बताया कि रातभर पानी में फंसे रहने की वजह से सुमित के हाथ-पैर सुन्न हो गए थे और सर्दी की वजह से उसका शरीर सिकुड़ गया था। ऐसे में बाहर निकाले के जाने के बाद उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।