जम्मू-कश्मीर पर अल नीनो का शिकंजा, सर्दियों में भी सामान्य से ज्यादा रह सकता है तापमान
जम्मू-कश्मीर में इस बार फिर हल्की सर्दी पड़ सकती है। यहां साल 2027 की शुरुआत तक अल नीनो का असर बना रहने से तापमान सामान्य से ऊपर रहने की उम्मीद है। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने इसके पीछे अल नीनो के लगातार जारी असर को मुख्य वजह बताया है।
निदेशक मुख्तार अहमद ने बताया कि भले ही इस बार कुल मिलाकर मौसम गर्म रहेगा, लेकिन अगर कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ आता है, तो भारी बर्फबारी हो सकती है।
चिल्लई-कलां में कम बर्फबारी, पानी के संसाधनों पर पड़ रहा दबाव
पिछले कुछ सालों में चिल्लई-कलां (साल के सबसे ठंडे दौर) के दौरान कम बर्फबारी हुई है। इसका असर अब स्थानीय जल संसाधनों पर दिखना शुरू हो गया है। अगर बर्फ कम गिरी और बारिश में भी देरी हुई, तो गर्मियों में पानी की उपलब्धता को लेकर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों ने बताया है कि 21 दिसंबर से शुरू होने वाला कश्मीर का 40 दिन का सबसे सर्द दौर 'चिल्लई-कलां' में लगातार कई सालों से कम बर्फबारी हो रही है। इस कारण वहां की जल प्रणालियों पर काफी गहरा असर पड़ा है।