लद्दाख ने बदल दी खेती की तस्वीर, बना भारत का पहला पूरी तरह जैविक केंद्र शासित प्रदेश
लद्दाख ने भारत के पहले पूरी तरह जैविक केंद्र शासित प्रदेश बनकर इतिहास रच दिया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस कदम से रासायनिक खादों पर रोक लगा दी गई है और खेती के लिए पूरी तरह जैविक तरीकों को अपनाया जाएगा। अगला बड़ा कदम व्यक्तिगत किसानों को प्रमाणित करना होगा, ताकि उनके जैविक उत्पाद (जैसे खुबानी और बकवीट) बड़े बाजारों तक पहुंच सकें।
लेह और कारगिल के सहयोग से संभव हुआ जैविक बदलाव
यह बड़ी उपलब्धि लेह और कारगिल के स्थानीय किसानों और प्रशासन के आपसी तालमेल की वजह से संभव हो पाई है। रासायनिक खाद पर जुलाई में ही रोक लगा दी गई थी, जबकि जैविक खाद के विकल्प पहले ही किसानों को उपलब्ध करा दिए गए थे। पूरी तरह जैविक बनने से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही इससे लद्दाख के खास पर्यावरण को भी सुरक्षा मिलेगी और यह क्षेत्र टिकाऊ कृषि के लिए अपनी अलग पहचान बना पाएगा।