लद्दाख के लिए छठी अनुसूची पर दिल्ली में मंथन: जमीन, नौकरी और संस्कृति को मिलेगा सुरक्षा कवच?
लद्दाख के दो बड़े नागरिक संगठन, लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस 9 सितंबर को केंद्र सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। उनकी सबसे बड़ी मांग है कि लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए। उनका मानना है कि इससे स्थानीय जमीन, नौकरियों, संस्कृति और पर्यावरण को सुरक्षा मिल पाएगी।
लद्दाख ने नॉटोर नियमितीकरण नियम 2026 को दी मंजूरी
इससे पहले हुई बातचीत में पूर्ण राज्य के दर्जे की बजाय अनुच्छेद 371 के तहत विशेष दर्जे का प्रस्ताव आया था। नेता अभी भी पूर्ण राज्य के दर्जे को अपना दूरगामी लक्ष्य बताते हैं। हाल ही में लद्दाख प्रशासन ने 'लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल्स (नॉटोर नियमितीकरण नियम 2026) को हरी झंडी दी है। इसका उद्देश्य वास्तविक नॉटोर जमीन धारकों को मालिकाना हक दिलाना है। साथ ही प्रशासन ने 5 नए समेत सभी 7 जिलों के लिए हिल काउंसिल का भी ऐलान किया। कुछ लोगों का कहना है कि इन फैसलों में स्थानीय लोगों की पूरी भागीदारी नहीं थी।