लक्षद्वीप: अगाटी में 30 एकड़ जमीन हथियाने की प्रशासन की तैयारी, ST समुदाय और पर्यावरण पर गहराया संकट
लक्षद्वीप प्रशासन अगाटी द्वीप पर करीब 30 एकड़ निजी जमीन हथियाना चाहता है। इस जमीन पर वे समुद्र किनारे आधुनिक सुविधाएं और एक नई सड़क बनाना चाहते हैं। लेकिन, इस सरकारी फैसले से स्थानीय लोगों में गहरी चिंता छा गई है। दरअसल, यह द्वीप अनुसूचित जनजाति समुदायों का घर है और उन्हें डर है कि इन प्रोजेक्टों से उनके पर्यावरण और उनकी पारंपरिक जीवनशैली को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
निवासियों ने सलाह न लेने का आरोप लगाया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन योजनाओं को लेकर उनसे कोई राय नहीं ली गई। उन्हें अगाटी के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की बहुत फिक्र है। द्वीप के एक निवासी अब्दुल जलील ने चिंता जताते हुए कहा, "हमें इन विकास कार्यों के बारे में बिल्कुल नहीं पूछा गया है। हमें डर है कि ऐसे कामों का लोगों और स्थानीय पर्यावरण पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। ये मूंगा चट्टानें इतना दबाव नहीं झेल सकतीं।" उनकी यह चिंता तब और गहरी हो जाती है, जब पता चलता है कि साल 1998 के बाद से यहाँ का कोरल कवर आधा रह गया है। इस पूरे मामले पर कलेक्टर शिवम चंद्रा ने लोगों को भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन कोई भी कदम आगे बढ़ाने से पहले सबको अपनी बात रखने का पूरा मौका देगा और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का ईमानदारी से पालन किया जाएगा।