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लखीमपुर खीरी हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा की जमानत शर्तों में ढील से किया इनकार
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा की जमानत शर्तों में ढील से किया इनकार

लखीमपुर खीरी हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा की जमानत शर्तों में ढील से किया इनकार

लेखन गजेंद्र
Aug 06, 2026
04:20 pm

क्या है खबर?

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसानों को कुचलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत की शर्तों में ढील देने से इनकार कर दिया। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा (टेनी) के पुत्र आशीष के वकील ने गुरुवार को कोर्ट को बताया कि जमानत की शर्तों के कारण वे पारिवारिक समारोह में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इसके बाद कोर्ट ने अपील पर विचार करने का कोई आधार नहीं पाया।

सुनवाई

कोर्ट ने क्या कहा?

मिश्रा के वकील ने कोर्ट ने कहा कि आशीष की जमानत में यात्रा प्रतिबंध समेत कई शर्तें लगाई गईं हैं, जिससे वह अपनी बेटी के जन्मदिन समारोह सहित पारिवारिक समारोहों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने कोई गौर नहीं किया।

कोर्ट ने आशीष की अर्जी खारिज करते हुए कहा, "इस स्तर पर इस प्रार्थना पर विचार करने का कोई आधार नहीं है।"

घटना

घटना में 4 किसान, एक पत्रकार समेत 8 लोग मारे गए थे

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में 3 अक्टूबर, 2021 को आशीष के काफिले ने 3 कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को कुचल दिया था।

घटना में 4 किसानों और एक पत्रकार की मौत हुई थी। इसके बाद भड़की हिंसा में 3 अन्य मौत हुई।

मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SIT गठित की और 9 अक्टूबर को आशीष को गिरफ्तार किया गया।

3 जनवरी, 2022 को SIT ने 5,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें आशीष समेत 14 आरोपी हैं।

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शर्त

जमानत की क्या हैं शर्तें?

आशीष को पहले फरवरी 2022 को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिली, जिसे अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर आत्मसमर्पण को कहा।

जुलाई 2022 को हाई कोर्ट ने फिर जमानत खारिज की। हालांकि, जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी। कोर्ट ने आशीष को उत्तर प्रदेश और दिल्ली से बाहर किया, पासपोर्ट जमा कराया और हर सप्ताह थाने में हाजिरी को कहा।

उनको परिवार से मिलने की अनुमति दी गई, लेकिन अब और ढील से इनकार किया है।

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