लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक के शराब दुकानाें में बढ़ोतरी के दावों को किया खारिज
लद्दाख प्रशासन ने हाल ही में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के उन आरोपों को सिरे से नकार दिया है जिनमें उन्होंने स्थानीय शराब की दुकानों की संख्या में बढ़ोतरी की बात कही थी। वांगचुक का आरोप था कि लेह में उपराज्यपाल शराब की बिक्री को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रशासन ने साफ कहा कि ये बातें बिल्कुल झूठी और बेबुनियाद हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूरे लद्दाख में सिर्फ एक ही शराब की दुकान चल रही है।
लद्दाख ने शराब की दुकानों के विस्तार की योजना रद्द की
इस साल शुरुआत में शराब की दुकानों की संख्या 2 से बढ़ाकर 20 करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन बौद्ध, मुस्लिम और ईसाई तीनों समुदायों से जुड़ी स्थानीय महिला समूहों के भारी विरोध के बाद इस योजना को वापस ले लिया गया। इन समूहों की मांग है कि लद्दाख को शराब-मुक्त ही रखा जाए, क्योंकि उनकी सांस्कृतिक परंपराएं इससे जुड़ी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि आगे कोई भी फैसला लेने से पहले समुदाय के साथ और ज्यादा चर्चा की जाएगी। खासकर, अगर शराब पर पूरी तरह से रोक लगाई जाती है, तो इसका असर पर्यटन पर पड़ सकता है या फिर अवैध शराब की बिक्री बढ़ सकती है।