केरल में मानसून की मार: 26 प्रतिशत कम बारिश से सूखा मंडराया, किसानों के साथ जेब पर भी असर
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इस साल केरल में मानसून 3 दिन की देरी से पहुंचा। शुरुआत में ही सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि 60 प्रतिशत संभावना है कि इस बार पूरे मानसून में 10 प्रतिशत कम बारिश हो सकती है। वैसे भी मजबूत एल नीनो की वजह से भारत में मानसून अक्सर कमजोर ही रहता है।
किसानों को दाल और तिलहन की बुवाई में मुश्किल हो सकती है
शुरुआत में कम बारिश की वजह से किसानों को दाल और तिलहन जैसी अहम फसलों की बुवाई में दिक्कत आ सकती है। इसकी वजह यह है कि बहुत से किसान सिंचाई के बजाय बारिश पर ही निर्भर रहते हैं। अगर सूखे की यही स्थिति बनी रही, तो सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं। दरअसल, चावल या गेहूं जैसे अनाजों के मुकाबले सब्जियां मौसम के बदलते मिजाज से कहीं ज्यादा प्रभावित होती हैं।