केरलम में करोड़ों रुपये की अंग तस्करी का खुलासा, दंपत्ति ने बेची 20 से अधिक किडनियां
केरलम पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े अंग तस्करी रैकेट का खुलासा किया है, जो 2021 से 2026 तक चल रहा था। इस रैकेट को मोहम्मद नजीब और उनकी पत्नी रशीदा चला रहे थे। इन दोनों ने अपनी एक कंपनी के जरिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाया। किडनी देने वालों को वे 5 लाख से 15 लाख रुपये तक देते थे, वहीं किडनी लेने वालों से 20 लाख से 35 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा वसूलते थे। इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दंपत्ति ने अवैध प्रत्यारोपण के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए
मुख्य आरोपी दंपत्ति ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए 20 से ज्यादा अवैध प्रत्यारोपण करवा दिए। एर्नाकुलम के अस्पतालों में इन अवैध प्रत्यारोपण को अंजाम देने के लिए उन्होंने सांसद और विधायक के लेटर पैड के साथ-साथ अस्पताल के फर्जी रिकॉर्ड भी बनाए। हर प्रत्यारोपण से उन्हें 3 से 5 लाख रुपये का मुनाफा होता था। 18 जून को ED ने 9 जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान उन्होंने कई जरूरी दस्तावेज और सबूत जब्त किए और एजेंटों के बैंक खाते भी सील कर दिए। अब जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह सारा पैसा कहां-कहां गया। जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे इस मामले की गहराई से पड़ताल हो रही है, कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।