केरलम में 83 प्रतिशत सिकुड़ गए जंगल, अब देश का पहला इकोसिस्टम मूल्यांकन शुरू हुआ
केरलम ने भारत के किसी भी राज्य में पहली बार इकोसिस्टम रेड लिस्ट मूल्यांकन शुरू किया है। इसका मकसद राज्य के सभी 14 जिलों में यह पता लगाना है कि वहां के कुछ खास प्राकृतिक हैबिटेट्स खत्म होने के कितने करीब हैं।
स्थानीय जैव विविधता विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं की अगुवाई में यह प्रोजेक्ट यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि किन इकोसिस्टम को तुरंत मदद की जरूरत है, ताकि उनके संरक्षण के लिए बेहतर कदम उठाए जा सकें।
केरलम के उष्णकटिबंधीय तटीय जंगल 83 प्रतिशत कम हुए
केरलम के प्राकृतिक इलाके खतरे में हैं। पिछले एक सदी में, मानवीय गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन की वजह से, यहां के उष्णकटिबंधीय तटीय जंगल 83 प्रतिशत तक सिकुड़ गए हैं। इस नए मूल्यांकन में वैश्विक मानकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि नुकसान का सही अंदाज़ा लगाया जा सके, खासकर मायरिस्टिका दलदलों और तटीय मैंग्रोव जैसे इलाकों में।
इस मूल्यांकन का लक्ष्य स्थानीय समुदायों को ऐसी ठोस जानकारी देना है, जिससे वे प्रकृति को फिर से हरा-भरा कर सकें, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से लड़ने के लिए खुद को मजबूत बना सकें और ऐसे टिकाऊ फैसले ले सकें जो उनके इलाकों के लिए वाकई फायदेमंद हों।