केरल का क्रांतिकारी फैसला: बुजुर्गों की जिंदगी बदलेगा भारत का पहला विशेष विभाग
केरल ने बुजुर्गों के कल्याण के लिए भारत का पहला विभाग बनाया है। इस विभाग का मकसद बढ़ती उम्र की आबादी और सामाजिक अलगाव जैसी चुनौतियों से निपटना है। मुख्यमंत्री वीडी सतीश ने कहा कि इस पहल से बुजुर्गों को ज्यादा सम्मान, देखभाल और जुड़ाव के साथ जीवन जीने का अवसर मिलेगा। यह कदम बेहद अहम है, क्योंकि अनुमान है कि साल 2036 तक केरल में हर 4 में से एक व्यक्ति 60 साल से अधिक उम्र का होगा।
घर और समुदाय आधारित देखभाल को प्राथमिकता
डॉ. रतन केलकर के नेतृत्व में यह विभाग चाहता है कि बुजुर्गों को आश्रमों या संस्थाओं में भेजने के बजाय, वे अपने घरों और समुदायों में सक्रिय जीवन जिएं। इसके लिए कई तरह की योजनाएं बनाई गई हैं। इनमें देखभाल करने वालों को ट्रेनिंग देना, बुजुर्गों के लिए पार्क और फिटनेस सेंटर तैयार करना, डे केयर सेंटर खोलना और उन्हें स्थानीय गतिविधियों से जोड़ना शामिल है। राज्य भर में एक सर्वे भी कराया जाएगा। इससे केरल की 'सिल्वर इकोनॉमी' के लिए स्वास्थ्य सेवा, आवास और परिवहन से जुड़ी योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। इस पहल का मकसद है कि बढ़ती उम्र के साथ कोई भी व्यक्ति पीछे न छूट जाए।