केरल में ग्रीन रेल क्रांति: सूरज की रोशनी से दौड़ेगी हाई-स्पीड ट्रेन
केरल थिरुवनंतपुरम से कन्नूर के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल लाइन पर तेजी से काम कर रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ट्रेन पूरी तरह से सौर ऊर्जा से चलेगी। यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो आप केवल साढ़े 3 घंटे में राज्यभर में 473 किलोमीटर की यात्रा कर पाएंगे। इस लाइन के लिए अधिकतम डिजाइन गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जबकि यह अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटा की परिचालन गति से चलेगी और इसकी औसत वाणिज्यिक गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। ई श्रीधरन द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना का लक्ष्य हरित परिवहन के क्षेत्र में एक वैश्विक मिसाल कायम करना है।
केरल हाई-स्पीड रेल की व्यवहार्यता का आकलन कर रही विशेषज्ञ समिति
एक विशेषज्ञ समिति वर्तमान में इस योजना की व्यवहार्यता का आकलन कर रही है, जिसमें केरल के लिए इसके पर्यावरणीय प्रभावों से लेकर सामाजिक लाभों तक सभी पहलुओं को परखा जा रहा है। इस डिजाइन में 23 स्टेशनों वाला एक एलिवेटेड ट्रैक शामिल है, थिरुवनंतपुरम के नीचे एक सुरंग बनेगी और इसे लगभग सभी प्रमुख हवाई अड्डों से जोड़ा जाएगा। हालांकि, कन्नूर हवाई अड्डे के लिए एक विशेष सड़क संपर्क का प्रावधान है। बिजली के लिए विशेष सौर पैनल लगाए जाएंगे, कोई भी अतिरिक्त ऊर्जा केरल के ग्रिड में वापस भेजी जाएगी। लगभग 60,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का वित्तपोषण सरकारी इक्विटी और क्राउडफंडिंग के माध्यम से किया जाएगा ताकि लोग भी इसमें अपना योगदान दे सकें।