केरल हाई कोर्ट ने महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा को दिखाई हरी झंडी, याचिका खारिज
केरल हाई कोर्ट ने 'प्रियदर्शिनी' योजना को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इस योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि यह योजना अनुचित तरीके से और जल्दबाजी में लागू की गई है। उनका कहना था कि इसे शुरू करने से पहले न तो कोई ठीक से अध्ययन किया गया और न ही सरकार से कोई सलाह ली गई।
याचिकाकर्ता अवैधता साबित करने में विफल रहा
कोर्ट ने साफ कहा कि सरकार को ऐसे कल्याणकारी उपाय लागू करने का पूरा हक है। केरलम सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि यह योजना खासकर ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को सशक्त करने और उनकी यात्रा को सुविधाजनक बनाने के मकसद से लाई गई है। इसी तरह की योजनाएं तमिलनाडु और कर्नाटक में भी लागू हैं। सरकार ने यह भी कहा कि संविधान खुद सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए महिलाओँ को खास मदद देने की इजाजत देता है। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि इस योजना से सरकारी खजाने पर हर साल लगभग 800 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।