केरलम सरकार को PM-SHRI योजना से बाहर निकलना पड़ेगा महंगा, लगेगा 2,000 करोड़ रुपये फटका
केरल सरकार को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (PM-SHRI) योजना से बाहर निकलने पर निकलता है, तो उसके स्कूलों को 2000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ सकता है। शिक्षा मंत्री एन समसुद्दीन ने साफ बताया है कि इस समझौते से कानूनी तौर पर सिर्फ केंद्र सरकार ही पीछे हट सकती है। ऐसे में राज्य के लिए इस योजना से बाहर निकलना संभव नहीं है। अगर केरलम ऐसा करता है, तो 152 स्थानीय स्कूल ब्लॉक्स के लिए जो 1,000 करोड़ रुपये पहले से तय थे, वे भी हाथ से निकल जाएंगे।
PM SHRI योजना के तहत 304 स्कूलों को मिल रही सहायता
PM SHRI योजना के तहत केरलम के 304 स्कूलों को फायदा मिल रहा है। इस योजना में हर ब्लॉक से एक प्राथमिक और एक माध्यमिक स्कूल को चुना गया है। इन स्कूलों को तीन साल के लिए हर साल एक करोड़ रुपये की मदद मिलेगी। इस खर्चे का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करती है, जबकि बाकी 40 प्रतिशत केरलम सरकार को देना होता है। यह व्यवस्था इसलिए भी खास है, क्योंकि इसी के जरिए समग्र शिक्षा जैसे दूसरे केंद्रीय योजनाओं से 1,158 करोड़ रुपये का फंड भी स्कूलों तक पहुंच पाता है।
PM SHRI समझौते की समीक्षा कर रही समिति
यह समझौता अक्टूबर 2025 में हुआ था। हालांकि, कुछ राजनीतिक दलों ने इस पर सवाल उठाए हैं। उन्हें डर है कि इस योजना से राज्य की शिक्षा नीति पर बाहरी दखलंदाजी बढ़ सकती है। इन्हीं चिंताओं को देखते हुए, अब एक समिति बनाई गई है, जो इस योजना में बने रहने या इससे बाहर निकलने के कानूनी और वित्तीय पहलुओं पर गौर कर रही है।