कर्नाटक ने सरकारी कर्मचारियों के लिए रात में लोकेशन ट्रैक करना अनिवार्य किया
कर्नाटक सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए रात में उनकी लोकेशन ट्रैक करने की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, 1 नवंबर से तालुक अस्पताल और प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) के डॉक्टरों को रात 9 बजे के बाद 'कर्तव्य' ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि डॉक्टर अपने तयशुदा कार्यस्थल पर ही मौजूद रहें। सरकार ने यह कदम तब उठाया, जब एक जांच में पता चला कि कुछ अधिकारी अपने तय स्थानों पर नहीं रुक रहे थे, जिससे उनके काम पर असर पड़ रहा था।
कर्नाटक सभी विभागों में ट्रैकिंग का दायरा बढ़ाएगा
अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो राज्य सरकार इस ट्रैकिंग सिस्टम को दूसरे विभागों में भी लागू करने की योजना बना रही है। 1 दिसंबर तक, कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी इस ऐप का इस्तेमाल करना होगा।
इसके बाद, जनवरी 2027 से कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन ऐप में दर्ज उनकी उपस्थिति के आधार पर ही मिलेगा। वहीं, आउटसोर्सिंग एजेंसियों के बिल भी ऐप से तैयार होने वाली उपस्थिति रिपोर्ट देखकर ही पास किए जाएंगे।
इस कदम का मुख्य लक्ष्य विभिन्न विभागों, कार्यालयों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में उपस्थिति रिकॉर्ड में एकरूपता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता लाना है।