कर्नाटक में फिर शुरू होगी बाइक टैक्सी सेवा, हाई कोर्ट ने प्रतिबंध हटाया
क्या है खबर?
कर्नाटक हाई कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विभू बखरू और सीएम जोशी की खंडपीठ ने ANI टेक्नोलॉजीज (ओला कैब्स की मालिक), उबर और रैपिडो जैसे कैब एग्रीगेटरों द्वारा दायर अपील पर यह फैसला सुनाया। याचिका में एकल न्यायाधीश के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें कर्नाटक में बाइक टैक्सी सेवाओं को तब तक रोकने का आदेश था जब तक राज्य नियम नहीं बनाता।
आदेश
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने फैसला सुनाया कि बाइक टैक्सी के लिए इस्तेमाल मोटरसाइकिलें मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत 'परिवहन वाहन' में आती हैं। इसलिए, राज्य इस आधार पर ऐसे वाहनों को परमिट देने से इनकार नहीं कर सकती कि मोटरसाइकिलें परिवहन वाहन नहीं हैं। आदेश में कहा गया कि बाइक चालक बाइक टैक्सी के रूप में संविदा परिवहन परमिट प्राप्त करने हेतु आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, राज्य आवेदनों की जांच करने के लिए स्वतंत्र है।
फैसला
पहले क्यों लगी थी रोक?
बार एंड बेंच के मुताबिक, न्यायमूर्ति बी श्याम प्रसाद की अध्यक्षता वाली एकल न्यायाधीश पीठ ने अप्रैल, 2025 को राज्य में सभी बाइक टैक्सी 6 सप्ताह में बंद करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने तब कहा था कि राज्य नीति में बदलाव करने, बाइक टैक्सी के लिए नियम-दिशानिर्देश तैयार करने तक ऐसे वाहनों का संचालन नहीं किया जा सकता। प्रभावित बाइक संचालकों के अनुरोध पर समयसीमा बढ़ाई गई, लेकिन बाद में उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी।