कर्नाटक: आबकारी मंत्री के 'आदरपूर्वक भेंट' बयान पर भाजपा का तीखा हमला, जानिए पूरा मामला
क्या है खबर?
कर्नाटक के आबकारी और हसन जिले के प्रभारी मंत्री केएम शिवलिंगे गौड़ा अपने एक हालिया बयान के कारण भारी विवादों में घिर गए हैं। विपक्षी दल भाजपा ने उन पर सरकारी अधिकारियों को 'सम्मानपूर्वक रिश्वत' देने की प्रथा का समर्थन करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर राजनीति इतनी गरमा गई है कि मंत्री के खिलाफ राज्यपाल को भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। हालांकि, बाद में मंत्री ने बयान पर सफाई भी दी है।
प्रकरण
क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना हसन जिले के सकलेशपुर में आयोजित 'प्रजा सेवा आंदोलन' की एक सार्वजनिक सभा के दौरान घटित हुई।
बैठक में जब उपस्थित नागरिकों ने राज्य में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा काम के बदले जबरन रिश्वत मांगने की शिकायत की, तो मंत्री ने कहा, "अधिकारी अपना कर्तव्य निभाएंगे। आपको जो कुछ भी भेंट करना है, आप उसे सम्मानपूर्वक कर सकते हैं। यह आपका धर्म है, लेकिन किसी को भी जबरन पैसा नहीं लेना चाहिए।"
सवाल
लोगों ने पूछा- हम सम्मानपूर्वक भी क्यों दें?
मंत्री गौड़ा के इस बयान पर सभा में उपस्थित लोग स्तब्ध रह गए। उन्हें लगा की मंत्री सीधे कर्मचारियों को रिश्वत देने की तरफदारी कर रहे हैं।
इस पर जब एक आक्रोशित नागरिक ने सवाल किया, "हम सम्मानपूर्वक भी क्यों दें?" तो मंत्री ने स्थिति संभालते हुए कहा, "मैंने आपसे पैसा देने के लिए नहीं कहा, मैंने आपसे सम्मान देने के लिए कहा है।"
इस पूरे बयान का का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
हमला
भाजपा ने मंत्री और कांग्रेस सरकार पर बोला हमला
मंत्री के इस बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने लिखा, 'मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की सरकार, जिसने लोगों की शिकायतों को सुनने के लिए लोक सेवा विभाग की स्थापना की थी, अब बेशर्मी से लोगों से सीधे रिश्वत देने का आग्रह कर रही है। मंत्री शिवलिंगे गौड़ा ने कहा कि अधिकारियों को सम्मानपूर्वक रिश्वत देना लोगों का कर्तव्य है। दरअसल, रिश्वत लेना कांग्रेस सरकार का कर्तव्य है।'
निशाना
भाजपा विधायक ने भी बोला हमला
भाजपा विधायक भरत शेट्टी ने भी मंत्री पर हमला बोला।
उन्होंने कहा, "मंत्री लोगों को बता रहे हैं कि रिश्वत सम्मानजनक तरीके से कैसे दी जानी चाहिए।"
चौतरफा हमलों और विवादों के बीच आबकारी मंत्री शिवलिंगे गौड़ा ने अपने आधिकारिक बयान में सफाई पेश की है।
उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष के इस प्रयास की निंदा भी की है।
सफाई
मंत्री गौडा ने क्या दी सफाई?
मंत्री गौडा ने मामले में सफाई देते हुए कहा, "मैंने केवल इतना कहा था कि जो अधिकारी आपका काम करते हैं, उन्हें सम्मान दीजिए। वीडियो के मूल हिस्से में मैंने स्पष्ट कहा था कि किसी भी परिस्थिति में अधिकारियों को रिश्वत न दें।"
उन्होंने कहा, "यह अत्यंत दुखद है कि विपक्ष मेरे बयान की छोटी सी क्लिप निकालकर सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। दुर्भावनापूर्ण तरीके से संपादित वीडियो पोस्ट करना भाजपा की ओछी तरकीब है।"
शिाकायत
राज्यपाल के पास पहुंची शिकायत
इस राजनीतिक खींचतान के बीच सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कलाहल्ली ने इस बयान को लेकर राज्य के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के समक्ष एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और मंत्री के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
कर्नाटक की राजनीति में इस बयान के बाद भ्रष्टाचार और 'प्रतिशत सरकार' को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
हालांकि, मामले में राज्यपाल की ओर से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं आई है।