कानपुर में 5,600 करोड़ रुपये के 'महाठग' दबोचे, कॉल सेंटर से चलाते थे 18 राज्यों का ठगी रैकेट
कानपुर पुलिस और SOG ने मिलकर एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। यह धोखाधड़ी 5,600 करोड़ रुपये की है। इस गिरोह का संचालन जाजमऊ में एक आम से दिखने वाले कॉल सेंटर से किया जा रहा था, जहां से इतने बड़े पैमाने पर ठगी की गई।
इस मामले में 2 कथित मुख्य सरगना, शाहजेब वारिस और मोहम्मद सलमान को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, गिरोह के 5 अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं। ये जालसाज लोगों को झूठे निवेश का लालच देकर ठगते थे। उनका ये गिरोह 18 से ज्यादा राज्यों तक फैला हुआ था।
पुलिस 72 खातों की कर रही जांच, 65 लाख रुपये बरामद
ठगी का शिकार हुए लोगों को निवेश पर ऊंचा रिटर्न दिलाने का लालच देकर फंसाया जाता था। उनका पैसा अलग-अलग बैंकों के 72 संदिग्ध खातों के जरिए ठिकाने लगाया जाता था।
पुलिस ने इस दौरान 65 लाख रुपये नकद, कई मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच में गेमिंग ऐप और कुछ फर्जी कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत भी मिले हैं।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ़ पहले से ही दूसरे शहरों में साइबर क्राइम के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब देशभर की दूसरी टीमों के साथ मिलकर बाकी आरोपियों को पकड़ने और इस धोखाधड़ी के पैसे के पूरे लेन-देन का पता लगाने में जुटी है।