कानपुर के इंजीनियर ने सुनाई रूस की खौफनाक दास्तान, कहा- हिरासत में पीटा गया
कानपुर के इंजीनियर चंदन गुप्ता ने बताया है कि रूसी पुलिस ने करीब 2 दिन तक उन्हें हिरासत में रखा। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज और धमकियां दी गईं। 5 सितंबर को चंदन और उनके दोस्त आशीष को शराब पीकर एंबुलेंस का शीशा तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, वे इन आरोपों को गलत बताते हैं। गिरफ्तारी के बाद उनके पासपोर्ट और फोन छीन लिए गए थे और उन्हें कोई ट्रांसलेटर भी नहीं मिला।
कंपनी के वकीलों ने गुप्ता और आशीष को रिहा कराया
गुप्ता ने बताया कि उन्हें लगभग 48 घंटे तक हिरासत में रखा गया। जब उन्होंने अपनी गिरफ्तारी पर सवाल उठाया, तो आशीष को पीटा गया। आखिरकार, गुप्ता की कंपनी द्वारा भेजे गए वकीलों ने इसमें हस्तक्षेप किया, तब जाकर उन्हें रिहा किया गया। जब चंदन हिरासत में थे, तो उनकी पत्नी स्नेहा ने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई थी। गुप्ता ने बाद में बताया कि किसी भी दूतावास अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया था। उनका कहना है कि भारतीय दूतावास ने रूसी पुलिस के बताए तथ्यों के आधार पर जानकारी जारी कर दी और उनकी बात को बिल्कुल भी नहीं सुना। परिवार अब भारत लौट चुका है। वे राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन इस घटना से काफी परेशान हैं। गुप्ता ने साफ कह दिया है कि इस अनुभव के बाद वह अब विदेश में काम नहीं करेंगे।