मद्रास हाई कोर्ट ने IAS अधिकारियों की मनमानी पर दिखाई सख्ती, कहा- अदालती आदेश मानना विकल्प नहीं है
देश में आजकल अदालत की अवमानना के मामले काफी बढ़ गए हैं। पहले ऐसा बहुत कम देखने को मिलता था और कोर्ट के आदेशों का आमतौर पर पालन होता था। मद्रास हाई कोर्ट में जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले कोर्ट के आदेशों का पालन होना आम बात थी। उन्होंने जस्टिस बट्टू देवानंद की भी तारीफ की, जिन्होंने अपने हाल के कार्यकाल में छोटी-मोटी देरी को भी नजरअंदाज नहीं किया।
स्टे को नजरअंदाज करने के आरोप में IAS अधिकारी
यह पूरा मामला IAS अधिकारी एसपी अमृत और कृष्णा उन्नी के खिलाफ चल रहे एक मामले के दौरान सामने आया। उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी पशु चिकित्सा सहायक सर्जन ए सेंथिलकुमार के तबादले पर लगी अंतरिम रोक के आदेश को नजरअंदाज किया। जस्टिस स्वामीनाथन उनकी धीमी प्रतिक्रिया और लापरवाही भरे रवैये से खुश नहीं थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यह देखकर काफी हैरानी हुई कि अधिकारी इतने लापरवाह थे। उन्होंने सरकारी अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि अदालत के आदेशों का पालन करना हर हाल में जरूरी है, यह कोई विकल्प नहीं है।