क्या विरोध करना अपराध? CJP नेताओं की हिरासत पर सांसद ब्रिटास का दिल्ली पुलिस से सीधा टकराव
कम्यूनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (CPM) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास की रविवार को दिल्ली पुलिस से काफी तीखी बहस हो गई। दरअसल, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की थी। यह घटना तब हुई जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका और सौरव दास शनिवार को मुंबई से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर उतरते ही उन्हें उनके विमान से हिरासत में ले लिया गया। बाद में अदालत में पेशी के बाद उन्हें 50,000 रुपये के मुचलके पर छोड़ा गया।
विरोध प्रदर्शनों में 1,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया
CJP नेताओं को हिरासत में लेना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के दौरान की गई बड़ी सुरक्षा कार्रवाई का एक हिस्सा था। इन प्रदर्शनों के दौरान देशभर में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया। ब्रिटास ने CJP नेताओं के साथ हुए व्यवहार को अपहरणकर्ताओं या बड़े वित्तीय घोटालों के आरोपियों से भी बदतर बताया। ब्रिटास ने अपने साथी सांसद एए रहीम के साथ मिलकर पुलिस की इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की। उन्होंने राजनीतिक एकजुटता दिखाते हुए इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि मौजूदा समय में विरोध की आवाजों को कैसे दबाया जा रहा है।