
झारखंड रोपवे हादसा: 40 घंटे बाद बचाव अभियान खत्म, 46 को बचाया तो 3 की मौत
क्या है खबर?
झारखंड के देवघर में त्रिकूट पहाड़ पर केबल ट्रॉलियों के टकराने से हुए रोपवे हादसे के बाद शुरू किया गया बचाव अभियान 40 घंटे बाद मंगलवार दोपहर खत्म हो गया।
इसमें वायुसेना, NDRF, इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) समेत भारतीय सेना के अन्य जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रॉली में फंसे 49 लोगों में से 46 को सुरक्षित बचा लिया, जबकि तीन अन्य लोगों की मौत हो गई।
झारखंड हाई कोर्ट ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
पृष्ठभूमि
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा देवघर बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास त्रिकूट पहाड़ियों पर हुआ था। रविवार शाम को यहां रामनवमी के मौक पर सैकड़ों श्रद्धालु वहां पूजा करने पहुंचे थे।
उस दौरान कुछ ट्रॉलियां अपनी जगह बदलकर एक-दूसरे से टकरा गईं और उनमें बैठे कुछ लोग घायल हो गए।
इस हादसे की वजह से पूरा रोपवे बंद करना पड़ा और अन्य ट्रॉलियां और उनमें बैठे लोग भी फंस गए। अधिकारियों के अनुसार, 12 ट्रॉलियों में बैठे कुल 49 लोग फंसे गए थे।
बचाव अभियान
सोमवार को 30 लोगों को बचाया गया
सबसे पहले NDRF ने बचाव अभियान चलाया और फिर सेना और वायुसेना भी इसमें शामिल हो गए। सोमवार शाम तक 30 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन दो अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
इसमें एयरलिफ्ट के दौरान सेफ्टी बेल्ट खुलने से दुमका जिले के ककनी निवासी राकेश मंडल (36) की 860 फीट गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। इसी तरह सारठ निवासी सुमंती देवी की केबल कार टकराने से मौत हुई थी।
जानकारी
अंधेरा होने और तेज हवाओं के कारण रोकना पड़ा था बचाव अभियान
सोमवार देर शाम अंधेरे होने तथा हेलीकॉप्टर्स की पंखुड़ियों की तेज हवा से ट्रॉलियों के हिलने के कारण बचाव अभियान को रोकना पड़ा था। ऐसे में 17 लोग रातभर हवा में लटके रहे। मंगलवार सुबह फिर से बचाव अभियान शुरू किया गया।
सफलता
बचाव दल ने मंगलवार सुबह पांच लोगों को सुरक्षित निकाला
बचाव दल के प्रभारी अश्विनी नय्यर ने बताया कि मंगलवार सुबह फिर से बचाव अभियान शुरू किया और एक बच्ची सहित पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इसके बाद अन्य ट्रॉली में फंसे 12 लोगों को निकालने का कार्य शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे तक आखिरी ट्रॉली में से 10 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
इसके बाद पांच अन्य लोगों को बचाने के लिए अभियान को आगे बढ़ाया गया।
मौत
ट्रॉली से गिरने से हुई एक अन्य महिला की मौत
नय्यर ने बताया कि दोपहर करीब 12:45 बजे ट्रॉली में फंसे एक महिला सहित तीन लोगों को निकालने का कार्य किया जा रहा था।
उसी दौरान हेलिकॉप्टर की रस्सी केबिन में फंसने से एक महिला 800 फीट गहरी खारी में गिर गई। इससे उसकी मौत हो गई। घटना के समय महिला के परिजन ग्राउंड जीरो पर उसका इंतजार कर रहे थे।
इसके बाद दो अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया और बचाव अभियान को खत्म कर दिया गया।
जानकारी
मौत से परिजनों में आक्रोश
बचाव अभियान के दौरान हादसे में जान गंवाने वाले राकेश के परिजनों में भारी आक्रोश भरा हुआ है। इसको लेकर उसके परिजनों ने त्रिकुट पहाड़ जाने के चौराहे पर जाम भी लगाया है। अधिकारियों ने समझाइश कर जाम को खुलवाया है।
आदेश
हाई कोर्ट ने दिए जांच के आदेश
केबल का कार का संचालन निजी कंपनी दामोदर वैली कॉर्पोरेशन कर रही थी और हादसे के बाद संचालक मौके से फरार हो गए। पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन ने कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए हैं।
इधर, झारखंड हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार को विस्तृत जांच करने और 25 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
इसी तरह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को हादसे की उच्च स्तरीय जांच करने को कहा हैं।
बयान
राज्यपाल ने हादसे को बताया दर्दनाक
झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने कहा, "विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देवघर के त्रिकूट पर्वत पर बने रोपवे पर दुर्घटना बहुत दुखद और दर्दनाक है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और बाबा बैद्यनाथ से प्रार्थना करता हूं कि घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें।"
इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बचाव अभियान पर नजरें बनाए रखने के साथ गृह मंत्री अमित शाह के साथ गहन चर्चा भी की है।