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झारखंड में दुर्घटनाग्रस्त विमान था 39 साल पुराना, कुल 6,600 घंटे भरी थी उड़ान
झारखंड में दुर्घटनाग्रस्त विमान 39 साल पुराना था

झारखंड में दुर्घटनाग्रस्त विमान था 39 साल पुराना, कुल 6,600 घंटे भरी थी उड़ान

लेखन गजेंद्र
Feb 25, 2026
04:25 pm

क्या है खबर?

झारखंड के चतरा जिले में दुर्घटनाग्रस्त एयर एंबुलेंस 39 साल पुराना बीचक्राफ्ट विमान था, जिसने 6,600 से अधिक घंटे की उड़ान भरी थी। हिंदुस्तान टाइम्स ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि विमान का निर्माण 1987 में हुआ था और दुर्घटना के समय तक विमान करीब 6,610 घंटे उड़ान भर चुका था। हादसे में मरीज और उसके 3 परिजनों समेत कुल 7 लोगों की मौत हुई है, जिसमें 2 पायलट, चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं।

बयान

विमान का नहीं हुआ था अधिक उपयोग

रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित विमान, बीचक्राफ्ट C90A (किंग एयर) ट्विन-टर्बोप्रॉप था, जिसका पंजीकरण नंबर VT-AJV था। उन्होंने बताया कि यह P&W PT6A-21 इंजनों द्वारा संचालित था। इसके बाएं इंजन ने 2,900 घंटे और दाएं इंजन ने 2,800 घंटे की उड़ान भरी थी। विमान के दोनों प्रोपेलर 2,500 घंटे उड़ान भर चुके थे। इसका वायुयोग्यता समीक्षा प्रमाणपत्र (ARC) 21 जनवरी, 2026 को एक साल के लिए जारी हुआ था। इससे पता चलता है कि विमान का अत्यधिक उपयोग नहीं हुआ था।

जांच

विमान में नहीं था ब्लैक बॉक्स

रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त विमान का अधिकतम टेक-ऑफ वजन 4,583 किलोग्राम था। इसमें ब्लैक बॉक्स यानी इसमें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) या डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक, विमान में नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (CAR) के अनुसार CVR और FDR स्थापित नहीं किए गए थे। विमान को पहला विमान योग्यता प्रमाणपत्र 1987 में जारी हुआ था। इसके मूल प्रमाणीकरण के समय CVR या FDR की स्थापना के लिए कोई अनिवार्य नियामक आवश्यकता नहीं थी।

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हादसा

रांची से दिल्ली जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ था विमान

सोमवार 23 फरवरी की रात एयर एंबुलेंस 7 लोगों के साथ रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था और मात्र आधे घंटे के अंदर विमान रडार से गायब हो गया। विमान चतरा में दुर्घटनाग्रस्त पाया गया। विमान में सवार मरीज संजय कुमार (41), उनकी पत्नी, एक रिश्तेदार, डॉक्टर-पैरामेडिक और 2 पायलट की मौत हो गई। विमान 1,400 घंटे उड़ान का अनुभव रखने वाले पायलट-इन-कमांड विवेक विकास भगत और 450 घंटे का अनुभव रखने वाले सवराजदीप सिंह उड़ा रहे थे।

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