झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार का JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने का फैसला रोका
क्या है खबर?
झारखंड हाई कोर्ट ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की उन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला रोक दिया है, जो राज्य सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों के दबाव में लिया था। कोर्ट के फैसले से परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके और अपनी नौकरियों को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिली है। वे भी प्रदर्शन कर रहे थे।
आदेश
परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले और नौकरी पा चुके उम्मीदवारों ने दायर की याचिका
हाई कोर्ट ने यह फैसला 4 उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिका पर सुनाया है, जिन्होंने राज्य सरकार के 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ताओं में 11वीं से 13वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, JSSC-CGL और खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा के सफल उम्मीदवार शामिल हैं।
उनका तर्क है कि सरकार ने प्रभावित उम्मीदवारों को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया और परीक्षा-नियुक्तियां रद्द कर दीं।
रद्द
36 दिन के आंदोलन के बाद रद्द हुई थी परीक्षाएं
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर JPSC-JSSC सुधार मंच के बैनर तले छात्रों ने विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू किया था।
सरकार ने काफी दबाव के बाद प्रदर्शन के 36 दिन बाद बैठक करके 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और उसकी जांच अपराधिक जांच विभाग (CID) से कराने का निर्णय लिया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षाओं की सुचिता पर सवाल उठाया था और वे उनको रद्द करके CBI जांच की मांग कर रहे थे।
जानकारी
ये परीक्षाएं रद्द हुई थीं
रद्द की गई भर्तियों में JPSC-JSSC के अलावा झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 और छठी सीमित उप कलेक्टर परीक्षा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, सहायक वन संरक्षक, वन रेंज अधिकारी, औषधि निरीक्षक और सहायक लोक अभियोजक जैसे पदों की परीक्षाएं शामिल थी।