आतंकी हाफिज सईद पर शिकंजा, जम्मू कोर्ट ने पहलगाम हमले में जारी किया गैर-जमानती वारंट
जम्मू की अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ पहलगाम हमले के संबंध में एक गैर-जमानती वारंट जारी किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मुताबिक, इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का ही हाथ था। NIA चाहती है कि हाफिज सईद भारतीय कानून के तहत मुकदमे का सामना करे, भले ही वह अभी पाकिस्तान में हो। यह वारंट जल्द ही सरकारी माध्यमों से पाकिस्तान भेजा जाएगा।
हाफिज सईद को भगोड़ा घोषित किया जा सकता है
हाफिज सईद, जो 2008 के मुंबई हमलों जैसे कई बड़े हमलों में पहले से ही वांछित है, उस पर उसकी अनुपस्थिति (इन एब्सेंशिया) में ही मुकदमा चलेगा क्योंकि वह भारत में मौजूद नहीं है।
नए कानूनी प्रावधानों के अनुसार, उसे भगोड़ा घोषित किया जा सकता है और दोषी भी ठहराया जा सकता है, भले ही वह भारत में कभी आए ही नहीं। मामले को मजबूत करने के लिए, NIA वारंट और प्रोक्लेमेशन भेज रही है। इन्हें उसके इंटरपोल रेड नोटिस से जुड़े दस्तावेजों में शामिल किया जाएगा। एजेंसी पाकिस्तान से मदद मांग रही है। इसका मकसद यह है कि एक मजबूत कानूनी आधार तैयार हो सके और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर न्याय के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया जा सके।