जामिया विश्वविद्यालय ने सुरक्षा कारणों से बंद किए पुस्तकालय, छात्रों और प्रशासन में टकराव
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने अपनी डॉ जाकिर हुसैन पुस्तकालय और पुराने पुस्तकालय को बंद कर दिया है। छात्र विरोध प्रदर्शनों के बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। छात्र अपनी छात्र यूनियन को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, जो 2006 से अस्तित्व में नहीं है। प्रदर्शनों के और तेज होने के बाद विश्वविद्यालय ने 17 अक्टूबर को पुस्तकालय बंद करने का ऐलान किया था।
जामिया के छात्रों का आरोप, प्रदर्शन करने से रोका गया
छात्र यूनियन की मांग 12 अक्टूबर को भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से बढ़ती जा रही है। मामला तब और गरमा गया जब छात्रों ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें गुलिस्तान-ए-गालिब गार्डन में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी। आरोप है कि छात्रों को तय जगह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद लगभग 100 छात्र गेट नंबर सात से परिसर में घुस गए, जिससे सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प हो गई। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन उन्हें छात्रों को हटाने के लिए बुलाया गया था। विश्वविद्यालय ने कहा कि गेट 18 ही प्रदर्शन के लिए तय जगह है, लेकिन आयोजकों का दावा है कि उन्हें वहां जाने की इजाजत नहीं मिली। कुछ छात्र प्रशासन के रवैये को लोकतंत्र विरोधी बता रहे हैं। उनका कहना है कि वे बल प्रयोग की जगह खुली बातचीत चाहते हैं।