केंद्र सरकार ने रसोई गैस संकट टालने के लिए ESMA लागू किया, जानिए क्या पड़ेगा फर्क
क्या है खबर?
पश्चिमी एशिया में छिड़े युद्ध के बीच भारत समेत कई देशों में ईंधन संकट गहराने लगा है। इस बीच, केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (ESMA) लागू किया है। ESMA लागू होने से अब प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति का आवंटन किया जाएगा। इससे पहले सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग की अवधि को बढ़ाया था। साथ ही, रसोई गैस की कीमत में भी इजाफा किया था।
नियम
सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने अधिसूचना में कहा, "प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाना चाहिए और पिछले 6 महीनों की औसत गैस खपत के 100 प्रतिशत के बराबर परिचालन उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।" भारत में 33.08 करोड़ सक्रिय तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) उपभोक्ता हैं। अभी 30 प्रतिशत आपूर्ति प्रभावित हुई है। केंद्र सरकार निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास कर रही है। बताया जा रहा है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है।
नियम
क्या है ESMA, इससे क्या पड़ेगा असर?
आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम को ESMA के नाम से जाना जाता है। इस कानून से स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, बिजली आदि सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस अधिनियम में आवश्यक सेवाओं की लंबी सूची है, लेकिन यह राज्यों को उन्हें चुनने की अनुमति देता है। ESMA लागू करके सरकार ने रसोई गैस की बिना बाधा आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बनाई है। इससे रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को LPG उत्पादन बढ़ाने को कहा है।