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ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस संयंत्र पर किया हमला, भारत पर क्या होगा असर?
ईरान ने कतर के रास लफान गैस संयंत्र पर हमले किए हैं (फाइल तस्वीर)

ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस संयंत्र पर किया हमला, भारत पर क्या होगा असर?

लेखन आबिद खान
Mar 19, 2026
02:29 pm

क्या है खबर?

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब सैन्य ठिकानों से हटकर ऊर्जा ढांचों पर शिफ्ट हो गया है। पहले इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र को निशाना बनाया था, जिसके जवाब में ईरान ने कतर के सबसे बड़े LNG प्लांट रास लफान पर मिसाइल हमले किए हैं। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजारों में उथल-पुथल और बढ़ गई है। आइए इसका भारत पर असर समझते हैं।

शुरुआत

कैसे शुरू हुआ ऊर्जा संयंत्रों पर हमले का घटनाक्रम?

दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब इजरायल ने ईरान के पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया। ये दुनिया का सबसे बड़ी ज्ञात प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जिसे कतर और ईरान आपस में साझा करते हैं। इसके जवाब में ईरान ने कतर के सबसे बड़े LNG संयंत्र रास लफान पर हमला कर दिया। ईरान ने धमकी दी कि अब खाड़ी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा और औद्योगिक प्रतिष्ठान उसके लिए वैध लक्ष्य हैं।

कतर

दुनिया को कितनी LNG सप्लाय करता है कतर?

आंकड़ों के अनुसार, कतर ने 2025 में लगभग 80 मिलियन मीट्रिक टन LNG का निर्यात किया था। यह 2024-25 में कुल वैश्विक LNG निर्यात का लगभग 18.8 प्रतिशत था। यानी कतर दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यातकों में से एक है। इसका एक बड़ा हिस्सा रास लाफान संयंत्र से निर्यात किया गया था, जिस पर ईरान ने हमला किया है। वैश्विक LNG आपूर्ति में कतर और रास लफान की यही अहमियत जोखिमों को भी बढ़ाती है।

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भारत

भारत पर क्या होगा असर?

इस स्थिति का भारत पर बड़ा असर पड़ना तय है, क्योंकि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग 50 प्रतिशत जरूरत आयात से पूरी करता है। इसका करीब 40 प्रतिशत हिस्सा कतर से आता है। 2023 में भारत ने कतर से लगभग 10.6-10.7 मिलियन टन LNG आयात किया था, जो भारत के कुल LNG आयात का लगभग 35-54 प्रतिशत था। 2024 के पहले 11 महीनों में कतर से भारत के कुल आयात में LNG की हिस्सेदारी 41.2 प्रतिशत थी।

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विशेषज्ञ

क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?

ऊर्जा विशेषज्ञ किरित पारिख ने NDTV से कहा, "हम अपनी LNG का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा कतर से खरीदते हैं, यानी भारत के कुल LNG आयात का लगभग 20 प्रतिशत कतर से आता है। भारत को अपनी गैस खपत कम करनी होगी, खासतौर पर औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र में इसका इस्तेमाल कम करना होगा।" एक अन्य विशेषज्ञ सॉल कावोनिक ने द गार्जियन से कहा, "LNG संयंत्र को नुकसान पहुंचना सबसे बुरा होता है। इसकी मरम्मत में कई साल लगते हैं।"

असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कच्चे तेल की कीमतें

गैस संयंत्रों पर हमलों का असर वैश्विक बाजार में तुरंत दिखाई दिया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। वहीं पेट्रोल की कीमतों में भी 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें सितंबर 2023 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इसने पहले से तनाव में चल रहे ऊर्जा उद्योग की परेशानी और बढ़ा दी है, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर रखा है।

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