इंदौर: दूषित पानी से 12 की मौत; पत्रकार पर भड़के मंत्री, बोले- फोकट सवाल मत करो
क्या है खबर?
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 12 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती है। इस बीच मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और स्थानीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय सवाल पूछने पर एक पत्रकार पर ही भड़क गए। उन्होंने पत्रकार से कहा कि फोकट के सवाल मत पूछो। विवाद बढ़ने पर मंत्री ने बाद में सोशल मीडिया पर खेद जताया।
पत्रकार
पत्रकार के सवाल से भड़के मंत्री ने किया अपशब्दों का इस्तेमाल
मंत्री विजयवर्गीय से NDTV के पत्रकार अनुराग द्वारी ने पूछा कि बहुत से लोगों को रिफंड नहीं मिला है और पीने की पानी की ठीक से व्यवस्था नहीं हुई है। इस पर विजयवर्गीय ने कहा, "अरे छोड़ो यार तुम, फोकट के प्रश्न मत पूछो।" इसके बाद पत्रकार ने कहा, "ये फोकट के प्रश्न नहीं है। मैं वहां होकर आया हूं।" फिर मंत्री बिफर पड़े और अपशब्दों का इस्तेमाल करने लगे।
ट्विटर पोस्ट
मंत्री और पत्रकार के बीच हुई बहस
देश के सबसे साफ शहर में गंदा पानी पीने से 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जिस शख्स पर लोगों को साफ पानी पिलाने का जिम्मा है वो सवालों को फोकट बता रहे हैं हमारे सवालों को "घंटे" में उड़ा रहे हैं @manishdekoder @GargiRawat @Abhinav_Pan @sanket pic.twitter.com/5iIF2AiFZ7
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) December 31, 2025
मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने किया अस्पतालों का दौरा, कहा- दोषियों पर कार्रवाई होगी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अलग-अलग अस्पतालों भर्ती बीमार लोगों से मुलाकात की और अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा, "मैंने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी स्थिति पुनः उत्पन्न न हो। नगर निगम को पर्याप्त अमला और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए अपर मुख्य सचिव को इंदौर में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं।" उन्होंने मरीजों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
कार्रवाई
नगर निगम के 2 अधिकारी निलंबित, हाई कोर्ट पहुंचा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में 2 जनहित याचिकाएं दायर की गईं। कोर्ट ने शासन को पीड़ितों का नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। वहीं, नगर निगम के 2 अधिकारियों को निलंबित और एक अधिकारी को बर्खास्त किया गया है। मामला तूल पकड़ने के बाद स्थानीय विधायक-पार्षद से लेकर प्रशासनिक अमला लगातार इलाके में सक्रिय है।
मामला
शौचालय का पानी पीने की लाइन में मिला
इंदौर के भागीरथपुरा की चौकी से लगे शौचालय के नीचे मुख्य जल लाइन में लीकेज मिला था। आशंका है कि इसी लीकेज के कारण दूषित पानी पेयजल लाइन में मिल गया। यही दूषित पानी घरों में पहुंचा, जिसे पीने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग बीमार हो गए। पहले मरीजों में उल्टी-दस्त की शिकायत सामने आई फिर धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ती गई। मृतकों में एक 5 महीने का बच्चा भी शामिल है।
लापरवाही
मामले में कई स्तर पर लापरवाहियां सामने आईं
मामले में निगम आयुक्त, महापौर, अपर आयुक्त, जल कार्य प्रभारी और उपयंत्री समेत कई लोगों की लापरवाहियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 26 दिसंबर को पहली मौत हुई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने इसे कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत बताया। स्थानीय पार्षद कमल वाघेला के पास लगातार लोग शिकायत कर रहे थे। उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। पानी की नई लाइन के लिए अगस्त में टेंडर जारी हुआ था, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ाई गई।