
मध्य प्रदेशः इलाज से आराम नहीं मिला तो मरीज ने की डॉक्टर की पत्नी की हत्या
क्या है खबर?
मध्य प्रदेश में एक मरीज ने डॉक्टर की पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी। दरअसल, डॉक्टर पिछले छह महीने से मरीज का इलाज कर रहा था, लेकिन उसे आराम नहीं मिल रहा था।
इससे परेशान होकर मरीज ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना गुरुवार को इंदौर के डॉक्टर रामकृष्ण वर्मा के क्लिनिक पर हुई। घटना के वक्त डॉक्टर अपने घर पर नहीं था।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
मामला
इलाज से असंतुष्ट था मरीज
पुलिस ने बताया कि 45 वर्षीय आरोपी रफीक राशीद डॉक्टर रामकृष्ण से खुजली का इलाज करवा रहा था, लेकिन उसे कोई आराम नहीं मिला।
जब वह गुरुवार सुबह डॉक्टर के क्लिनिक पर गया तो डॉक्टर की पत्नी लता ने उसे बताया कि डॉक्टर दिल्ली गए हुए हैं।
यह सुनकर रफीक गुस्से में आ गया और उसने लता पर चाकू से हमला कर दिया। लता की चीख सुनकर उनका बेटा बाहर आया। उसे भी रफीक ने घायल कर दिया।
आरोप
पहले भी जेल में रह चुका है आरोपी
लता और उसके बेटे की चीख सुनकर पड़ोस के लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पड़ोस के लोग लता और उनके बेटे को अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टरों ने लता को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि रफीक पहले भी एक हत्या के मामले में जेल में रह चुका है। आरोपी को 2015 में जेल हुई थी और फिलहाल वह जमानत पर बाहर है।
पुराना मामला
फरवरी में सामने आया था खौफनाक मामला
मध्य प्रदेश में फरवरी में एक खौफनाक मामला सामने आया था। यहां के होशंगाबाद में एक डॉक्टर ने अपने ड्राइवर की हत्या कर उसकी लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिये।
डॉक्टर की हैवानियत यहीं नहीं रूकी और उसने लाश के टुकड़ों को गलने के लिए तेजाब में डाल दिया।
पुलिस ने इस मामले में इटारसी के सरकारी अस्पताल में तैनात 55 वर्षीय हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील मंत्री को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी
पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी डॉक्टर
डॉक्टर मंत्री ने कुछ दिन पहले ही ड्राइवर को काम पर रखा था।
ड्राइवर ने 4 फरवरी को अपने दांत में दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद डॉक्टर ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगाया और ऑपरेशन करने वाले चाकू से उसकी गर्दन काट दी।
कुछ देर तक ड्राइवर तड़पता रहा। उसके बाद डॉक्टर ने आरी से उसकी लाश के टुकड़े कर दिये।
बताया गया था कि डॉक्टर के ड्राइवर पर उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंधों का शक था।