भारत की परमाणु ऊर्जा क्रांति: 2047 तक 100 GW का लक्ष्य और 7.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश
भारत ने हाल ही में एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। इसके तहत देश 2047 तक 100 गीगावाट (GW) परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करेगा। इस काम में निजी कंपनियां भी हाथ बंटा सकती हैं, जो खुद 30 GW तक का योगदान दे सकती हैं।
परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष एके मोहंती के मुताबिक, इस कदम से 7.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है। यह भारत के स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होगा।
भारत के पास दुनिया का एक-चौथाई थोरियम भंडार
निजी कंपनियों को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में शामिल करने से बहुत बड़े पैमाने पर निवेश आने की उम्मीद है, जिससे काम में तेजी आएगी। साथ ही, भारत के पास दुनिया के लगभग एक-चौथाई थोरियम भंडार मौजूद हैं, जिससे टिकाऊ विकास की असली संभावनाएं बन रही हैं।
निजी कंपनियों की विशेषज्ञता और अपने प्राकृतिक संसाधनों का सही इस्तेमाल करके भारत स्वच्छ ऊर्जा के अपने भविष्य को मजबूत करना चाहता है। इस तरह देश नए अवसर भी पैदा करने की उम्मीद कर रहा है।