भारत की बिजली में 'ग्रीन' क्रांति! आधी से ज्यादा ऊर्जा अब नवीकरणीय
इस साल भारत का नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत बढ़ गया है। इसी के साथ देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 533 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो अब देश के कुल ऊर्जा उत्पादन के आधे से ज्यादा है। इस बढ़ोतरी में सबसे अहम भूमिका सोलर, विंड, हाइब्रिड और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की रही है। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए रिकॉर्ड 57.5 गीगावाट नई क्षमता जोड़ी गई है। 151 गीगावाट के इससे भी बड़े प्रोजेक्ट्स पर अभी काम चल रहा है।
भारत ने ऊर्जा भंडारण के लिए 37 नए टेंडर जारी किए
वित्तीय वर्ष 2026 ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। भारत ने इसके लिए 37 नए टेंडर जारी किए हैं, जिससे देश को ज्यादा साफ बिजली जमा करने में मदद मिलेगी। नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने से पैसों की भी काफी बचत हो रही है।
उदाहरण के लिए, अगर सिर्फ 10 गीगावाट फॉसिल फ्यूल की जगह नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाए, तो हर साल ईंधन की लागत में 7,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। इसके साथ ही, भारत ने इस प्रगति को जारी रखने के लिए 20,000 करोड़ रुपये के ग्रीन बॉन्ड भी जारी किए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का सस्टेनेबिलिटी पर जोर
यह तेजी से हो रहा बदलाव सस्टेनेबिलिटी पर प्रधानमंत्री मोदी के जोर से पूरी तरह मेल खाता है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था तो मजबूत हो ही रही है, साथ ही फॉसिल फ्यूल के आयात को कम करके और बाहरी निर्भरता घटाकर जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भी यह कारगर साबित हो रहा है।