ऑपरेशन सिंदूर का एक साल: अभियान जिसने आतंक के खिलाफ भारत की जंग का रुख मोड़ा
पहलगाम हमले में 26 आम नागरिकों के मारे जाने के बाद, 7 मई, 2025 को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत एक तेज और सटीक हमला किया था।
रक्षा मंत्रालय ने इस कार्रवाई को 'केंद्रित, नपा-तुला और गैर-आक्रामक' बताया, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को कोई क्षति नहीं हुई। एक साल बाद, इसे सीमा पार आतंकवाद का जवाब देने के भारत के तरीके में एक अहम मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है।
भारतीय हमले ने आतंकी ठिकानों को बनाया निशाना
यह मिशन सिर्फ 25 मिनट तक चला। इसमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया और इस दौरान आम नागरिकों को कोई नुकसान न हो, इसका पूरा ख्याल रखा गया।
हालांकि, पाकिस्तान ने सीमा पर ड्रोन हमलों से जवाब दिया, लेकिन भारतीय फौज ने कई ड्रोनों को बेअसर कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऑपरेशन को आतंकवाद से लड़ने के भारत के 'न्यू नॉर्मल' के रूप में बताया। उनका कहना था कि यह एक कड़ा रुख है जो आज भी देश की सुरक्षा रणनीति को दिशा दे रहा है।